पाकिस्तान में 6 साल से खड़ी है भारत की रेलगाड़ी, जानें क्यों धूल खा रही है समझौता एक्सप्रेस
समझौता एक्सप्रेस कभी भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती थी। लेकिन पिछले 6 साल से यह ट्रेन पाकिस्तान में खड़ी है
समझौता एक्सप्रेस का इतिहासभारत और पाकिस्तान के नागरिकों को एक-दूसरे के देश तक पहुंचाने के लिए समझौता एक्सप्रेस की शुरुआत 22 जुलाई 1976 को की गई थी।
शुरुआत में यह ट्रेन रोजाना चलती थी, लेकिन 1994 में इसे सप्ताह में दो दिन कर दिया गया। वर्षों तक यह ट्रेन दोनों देशों के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन बनी रही। यह उन परिवारों के लिए वरदान थी जो भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के बाद अलग हो गए थे।
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें भारत के 40 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद समझौता एक्सप्रेस की सेवाएं भी बंद कर दी गईं।
यह ट्रेन बंद होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों का प्रतीक बन गई। पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया और यह फैसला लिया कि अब समझौता एक्सप्रेस नहीं चलेगी।
जब भारत और पाकिस्तान के बीच रेल सेवाएं बंद हुईं, तो उस समय भारत के 11 डिब्बे पाकिस्तान के लाहौर स्टेशन पर खड़े रह गए। वहीं, पाकिस्तान के 16 डिब्बे भारत के अटारी स्टेशन पर फंसे रह गए। अब करीब 6 साल बीत चुके हैं
फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सामान्य नहीं हुए हैं, इसलिए समझौता एक्सप्रेस के फिर से शुरू होने की संभावना बेहद कम है। यह ट्रेन अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी है।
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