SSC Protest: जब अभिनय सर, नीतू मैम और राकेश सर एक साथ आवाज़ बने

By Ravi Singh

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SSC Protest: जब अभिनय सर, नीतू मैम और राकेश सर एक साथ आवाज़ बने

SSC Protest नवम्बर में जब SSC (स्टाफ सेलेक्शन कमीशन) की परीक्षा में अनियमितताएं बढ़ने लगीं—चाहे वह पेपर लीक हो, तकनीकी दिक्कतें, दूर-दूर केंद्र या लेट-लेटिफ गंभीरता ह तब देशभर के छात्र आक्रोशित हुए। अपनी आवाज़ को और मजबूत करने के लिए कुछ जाने-माने शिक्ष अभिनव (अभिनय) सर, नीतू मैम और राकेश सर—ने खुलकर समर्थन देना शुरू किया।

SSC Protest छात्रों के समर्थन का बड़ा कदम

SSC Protest इन तीनों शिक्षकों ने SSC परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का साथ दिया। वे दिल्ली में ‘News Tak’ न्यूज़रूम पहुंचे और पत्रकारों को कई सवालों का जवाब दिया। FIR दर्ज होने के बाद भी इन शिक्षकों ने पीछे नहीं हटकर सरकार को खुलकर निशाने पर लिया। उनका विरोध न सिर्फ थिया, बल्कि यह लोगों के सामने सीधे ज़ुबानी टकराव में बदल गय।

SSC Protest: जब अभिनय सर, नीतू मैम और राकेश सर एक साथ आवाज़ बने FIR और सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया

उन तीनों के खिलाफ FIR दर्ज हो गई। इसके बाद और भी ज़्यादा तीखापन देखने को मिला। पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली, परीक्षा सेंटरों का बेतरतीब बँटवारा, तकनीकी खराबियों और सिस्टम की कमज़ोरियों पर जमकर हमला बोला। उनका कहना था कि छात्र केवल परिणाम नहीं बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा चाहते हैं।

पुलिस से भिड़ंत और ‘मर्दानगी विवाद’

31 जुलाई को दिल्ली में जब ये शिक्षक डीओपीटी (DoPT) कार्यालय जाने की कोशिश कर रहे थे, तब मामला और गर्म हो गया। पुलिस ने उन्हें गेट पर रोक दिया। उस दौरान एक अफसर ने विवादित टिप्पणी की: “अगर आप मर्द होते तो वर्दी पहनकर रखते।” इस पर अभिनव सर ने पलटवार किया, “लाखों लोगों को वर्दी पहनाई है, हमें वर्दा दिखाने की ज़रूरत नहीं।” चर्चा इतनी बढ़ी कि मैदान गर्म हो गया।

दिल्ली पुलिस ने कैसे किया उनका सामना?

दिल्ली पुलिस ने इन शिक्षकों को बस में बैठाकर कई घंटों तक बिना जानकारी के दिल्ली में घुमाया। वीडियो में यह भी देखा गया कि पुलिस ने उन्हें बाथरूम तक जाने नहीं दिया, और नीतू मैम ने तो ग़लत व्यवहार का आरोप तक लगाया। इस दौरान ‘टीचर का सम्मान करो’ जैसे नारे भी गूंजे।

जंतर-मंतर की ओर धकेल, सरकार से माँगें तेज़

पुलिस ने अंततः उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने को कहा, लेकिन शिक्षक और छात्र इससेसहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यहाँ एक साल बैठने से कोई बदलाव नहीं आएगा—सबसे ज़रूरी है परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और न्यायपूर्ण व्यवस्था।

6 अगस्त को SSC और रेलवे परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। सरकार ने विरोध और शिकायतों को सुनने में रुचि दिखाते हुए आयोग अध्यक्ष ने बैठक की मांग का जवाब देते हुए एक सप्ताह समय मांगा और आश्वस्त किया कि “परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी, लेकिन सभी को न्याय मिलेगा।

आयोग की प्रतिक्रिया और आगे का रास्ता

SSC आयोग ने कहा कि परीक्षा रद्द नहीं होगी, लेकिन गड़बड़ी के मामलों की पूरी जांच की जाएगी। भविष्य में AI तकनीक का इस्तेमाल करके परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया गया। आयोग ने यह भी संकेत दिया कि यदि वेंडर दोषी पाया गया, तो उसे हटाने पर विचार किया जाएगा।

निष्कर्ष

अभिनव सर, नीतू मैम और राकेश सर ने SSC विरोध पर सिर्फ आवाज़ उठाई ही नहीं, बल्कि छात्रों के हित के लिए सामने खड़े रहे। FIR के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं खोई और सरकार एवं आयोग को कठोर संदेश भेजा। यह आंदोलन साबित करता है कि जब शिक्षक और छात्र साथ हो, तो सिस्टम को जवाब देना पड़ता है। आशा की जानी चाहिए कि इस लड़ाई से परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएँगे।

Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

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